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Monday, October 31, 2011
दिग्विजय सिंह ने श्री श्री को बताया 'प्यार में अंधा', अन्ना को 'सुपर हीरो
उत्तर प्रदेश की यात्रा के दौरान श्री श्री अलग-अलग जगहों पर सत्संग करेंगे और लोगों से भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा होने की अपील करेंगे। जौनपुर से श्री श्री आठ नवंबर को सोनभद्र, नौ नवंबर को मिरजापुर, और 10 नवंबर को सुल्तानपुर में सत्संग करेंगे। 11 नवंबर को कानपुर में उनकी यात्रा का समापन होगा। कानपुर में वह आईआईटी के छात्रों को भी संबोधित करेंगे। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसलिए श्री श्री की यात्रा का खास महत्व बन जाता है। लेकिन उनकी यात्रा के कार्यक्रम पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने तीखी टिप्पणी की है।
सिंह ने कहा है, 'परमार्थ घर से शुरू होता है। क्या श्री श्री को अपने अभियान की शुरुआत कर्नाटक से नहीं करनी चाहिए? पर, प्यार अंधा होता है।' उन्होंने आंदोलन का हिसाब-किताब का ब्यौरा (तीसरे रिलेटेड आर्टिकल में पढ़ें)सार्वजनिक करने के बाद टीम अन्ना पर भी निशाना साधा और कहा कि यह तो केवल सुपरहीरो ही कर सकता है कि अज्ञात लोगों से दान ले और फिर उसे लौटा भी दे ( सिंह की पूरी बात दूसरे रिलेटेड आर्टिकल में पढ़ें)।
इस बीच, टीम अन्ना के लिए एक और अच्छी खबर है। उनकी प्रमुख मांगों में से एक, राइट टू रिजेक्ट (प्रत्याशी को नकारने का अधिकार) को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग विधि मंत्रालय को पत्र लिखकर पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में इसे लागू करने के संबंध में राय मांगेगा।
चुनाव आयोग मंत्रालय से चुनाव संबंधी नियमों में बदलाव करके इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएएम) में एक नए बटन को जोड़ने का प्रस्ताव रखेगा। इस बटन से मतदाता को सभी उम्मीदवारों को नकारने का विकल्प मिल जाएगा।
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने बताया कि चुनाव आयोग सैद्धांतिक तौर पर सभी ईवीएम मशीनों में 'इनमें से कोई नहीं' का विकल्प देने पर राजी हो गया है। अब चुनाव आयोग इस संबंध में मंत्रालय को पत्र लिखकर इसे लागू करने के लिए सिफारिश करेगा। हालांकि टीम अन्ना की राइट टू रिकाल (चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार) की मांग को चुनाव आयोग ने अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि यह जटिल प्रक्रिया है और इसे लागू करने से पहले इसके तमाम पहलूओं पर गंभीरता से विचार आवश्यक है।
सोमवार को टीम अन्ना के सदस्यों प्रशांत भूषण, शांति भूषण, किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयुक्त से मुलाकात की थी। चुनाव संबंधी मौजूदा नियमों के मुताबिक नियम 49 के तहत मतदाता को तमाम उम्मीदवारों को नकारने का अधिकार तो है लेकिन ऐसा सिर्फ फार्म भरने के बाद ही संभव है। फार्म भरने के कारण मतदाता की पहचान सार्वजनिक हो जाती है जो गुप्त मतदान के सिद्धांत के खिलाफ है।
पत्रकारों को मिला दिवाली उपहार, मजीठिया वेतनबोर्ड को मिली मंजूरी
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने समाचार पत्रों एवं संवाद एजेंसियों के पत्रकार एवं गैर पत्रकार कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन संबंधी मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफारिशों को मंजूरी दे दी.
संशोधित वेतनमान एक जुलाई 2010 से लागू होगा जबकि मकान किराया भत्ता और परिवहन भत्ता सहित अन्य भत्ते अधिसूचना जारी होने के दिन से प्रभावी होंगे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया. केन्द्रीय श्रम मंत्री मल्लिकाअर्जुन खड़गे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस निर्णय से देश भर के 40,000 से अधिक पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारी लाभान्वित होंगे. उन्होंने कहा कि फैसले की अधिसूचना शीघ्र जारी कर दी जायेगी.
संशोधित वेतनमान पुराने मूल वेतन और जून 2010 तक का मंहगाई भत्ता एवं 30 प्रतिशत अंतरिम राहत के योग पर आधारित होगा. अंतरिम राहत पहले से ही दी जा रही है.
खड़गे ने बताया कि अखबारों को उनके कुल कारोबार के आधार पर आठ श्रेणियों में और समाचार एजेंसियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है. प्रथम चार श्रेणी वाले अखबारों के कर्मचारियों को 35 प्रतिशत की दर से और अंतिम चार श्रेणी के अखबार के कर्मचारियों को 20 प्रतिशत की दर से संशोधित वेतनमान मिलेगा. सभी भत्तों के आंकलन के लिए संशोधित मूल वेतन में परिवर्तनीय मद के वेतन : वेरियेबल पे: को जोड़ा जाना चाहिए.
खड़गे ने बताया कि इसी तरह समाचार ऐजेंसियों की प्रथम दो श्रेणियों और अंतिम दो श्रेणियों के लिए भी उपरोक्त मापदंड सुझाए गए हैं. उन्होंने बताया कि जिस अखबार का कुल कारोबार एक हजार करोड़ रूपये और उससे अधिक है उसे पहली श्रेणी में रखा गया है. इसी तरह 500 करोड़ रूपये और उससे अधिक कारोबार वाले को द्वितीय, 100 करोड़ और उससे अधिक लेकिन 500 करोड से कम वाले को तीसरी, 50 करोड़ रूपये लेकिन सौ करोड़ से कम वाले को चतुर्थ श्रेणी, 10 करोड़ लेकिन 50 करोड से कम कारोबर वाली पांचवीं श्रेणी, पांच करोड़ और उससे अधिक लेकिन दस करोड से कम को छठी श्रेणी और एक करोड़ से कम वाले को आठवीं श्रेणी में रखा गया है.
संवाद ऐजेंसियों के मामले में जिनका कारोबार 60 करोड़ और उससे ज्यादा है उसे प्रथम श्रेणी में रखा गया है जबकि 30 करोड़ से ज्यादा लेकिन 60 से कम को द्वितीय श्रेणी, दस करोड़ और उससे ज्यादा लेकिन 30 करोड़ से कम को तीसरी श्रेणी और दस करोड़ से कम वालों को चतुर्थ श्रेणी में रखा गया है.
खड़गे ने कहा कि मकान किराया भत्ता एक्स वाई और जेड श्रेणी के शहरों के लिए क्रमश: 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की दर से लागू होगा. इसी प्रकार परिवहन भत्ता इन तीन श्रेणी के शहरों के लिए क्रमश: 20 प्रतिशत, दस प्रतिशत और पांच प्रतिशत की दर से लागू होगा.
उन्होंने बताया कि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अखबारों के कर्मचारियों के लिए रात्रि पाली भत्ता प्रति दिन सौ रुपया, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के अखबारों के कर्मचारियों के लिए 75 रुपया और पांच से आठ श्रेणी के अखबारों के कर्मचारियों के लिए 50 रूपये देय होगा.
संवाद ऐजेंसियों के लिए प्रथम और द्वितीय श्रेणी के लिए सौ रूपया और तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लिए 50 रूपया प्रति रात्रि पाली की दर से भत्ता देय होगा. प्रथम चार श्रेणी के अखबारों के कर्मचारियों के लिए एक हजार रूपये हार्डशीप भत्ता मिलेगा जबकि प्रथम दो श्रेणी के समाचार एजेंसियों के कर्मचारियों को 500 रूपये हार्डशीप भत्ता देय होगा.
इसी प्रकार प्रथम दो श्रेणी के अखबारों एवं समाचार एजेंसियों के कर्मचारियों के लिए एक हजार रूपये चिकित्सा भत्ता जबकि तीन और चार श्रेणी के अखबारों के कर्मचारियों को 500 रूपये चिकित्या भत्ता मिलेगा.
खड़गे ने कहा कि प्रस्तावों को अधिसूचना के लिए आज ही कानून मंत्रालय को भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह कोशिश करेंगे कि अधिसूचना जल्द से जल्द जारी हो.
समाचार पत्रों और संवाद समितियों के पत्रकारों और गैर.पत्रकारों के वेतनमान में संशोधन के लिए मई 2007 में वेतनबोर्ड का गठन किया गया था. वेतनबोर्ड ने अपनी सिफारिशें पिछले साल 31 दिसंबर को सरकार को सौंप दी थी.
खड़गे ने एक सवाल के जबाव में कहा कि सरकार के फैसले के लागू होने में कोई रूकावट नहीं है क्योंकि इस पर उच्चतम न्यायालय का कोई स्थगनादेश नहीं है लेकिन उच्चतम न्यायलय का जो भी अंतिम निर्णय होगा वह दोनों पक्षों पर लागू होगा.
यह पूछे जाने पर कि क्या कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति की उम्र सीमा में बढोत्तरी की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है, खड़गे ने कहा कि जो भी सुझाव कानून के तहत सुझाए गए हैं उन्हें स्वीकार किया गया है लेकिन कानून से इतर सिफारिशों को स्वीकार नहीं किया गया है.
सैफ अली बने पटौदी के दसवें नवाब
हरियाणा के पटौदी स्थित इब्राहिम महल में सोमवार सुबह आयोजित ‘पगड़ी’ समारोह में 41 वर्षीय सैफ को नवाब बनाया गया, जहां 52 गांवों के प्रधानों ने उनके सिर पर सफेद पगड़ी बांधी। इस दौरान उनकी मां शर्मीला टैगोर, बहन सबा और सोहा मौजूद थीं।
इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदरसिंह हुड्डा भी मौजूद थे। सैफ को अपने पिता की पदवी दी गई है, जिनका 22 सितंबर को निधन हो गया था। सैफ शुरू में नवाब की पदवी नहीं लेना चाहते थे क्योंकि सरकार अब इस पद को नहीं मानती, लेकिन उन्होंने गांव वालों की भावनाओं के सम्मान में परंपरा का निर्वहन किया।
नवनियुक्त नवाब के तौर पर सैफ को अपने पिता की संपदा, पैतृक घर, नेत्र अस्पताल और अन्य परमार्थ संस्थानों की देखभाल करनी होगी। मंसूर अली खान पटौदी की मां भोपाल के आखिरी नवाब हमीदुल्ला खान की बेटी थीं। मंसूर अली खान का जन्म भोपाल में हुआ था।
उन्होंने अपनी मां के उत्तराधिकारी के तौर पर भोपाल के नवाब परिवार का जिम्मा संभाला और इस तरह वे दर्जनों धर्मस्थलों, अनाथालयों और धार्मिक ट्रस्टों के मुतावली (संरक्षक) हो गए जो कि भोपाल की वक्फ संपत्ति का हिस्सा रहे। (भाषा)
आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर यूपी में करेंगे भ्रष्टाचार के खिलाफ यात्रा
अन्ना जल्द निकलेंगे यात्रा पर
सरदार पटेल प्रधानमंत्री बने होते तो नहीं होता कश्मीर मुद्दाः नरेंद्र मोदी
मोदी ने सरदार पटेल की 136वीं जयंती पर यहां स्थित स्वामीनारायण मंदिर में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘यदि सरदार साहब प्रथम प्रधानमंत्री होते तो इस देश में चीजें काफी अलग होतीं.’
उन्होंने कहा, ‘यदि पटेल प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर मुद्दा, आतंकवाद, साम्प्रदायिकता, किसानों की समस्याएं खड़ी ही नहीं होती अथवा उनका हल निकाल लिया गया होता.’ भाजपा में मोदी के समर्थक उन्हें अक्सर ‘छोटे सरदार’ कहते हैं.
ेकोयला मंत्री ने उत्तर प्रदेश को सबस बड़ा भीर्स्त राजज्य बताया
भिरीष्ठाचार की जड़ कांग्रेश सर्कार
जब से केंदर में कांग्रेस की सर्कार बनी है ;भीरीष्ठाचार तो बड़ा है ही उसके साथ -साथ महगाई ने तो आम आदमी और गरीब आदमी का जीना ही दुश्बार कर दीया हैं |अब चुनाब करीब आ रहे है तो सोनीया गांधी के साथ -साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सींह ने भी महगाई के खीलाफ सोचना शुरू कर दीया | ये सोच सीर्फ आम जनता को बेबकूफ बनाकर उनसे बोट लेने की है .बह जनता से बायदा करते है की अगर दुबारा उनकी सर्कार बनी तो बह महगाई को काबू में लायेगे लेकीन सर्कार बन्ने पर बह अपने बादे ़े भूल जाते है और आम आदमी को कुछ नहीं मील्ता यही कांग्रेश सर्कार का पुराना रीवाज है | अब कांग्रे को बोट ना देकर कीसी और पार्टी को बोट देना चाईय|ेSunday, October 30, 2011
राडिया और हमारे न सालों के बेहतरीन संबंध रहे हैं''
एक करोड़ के मुचलके पर जमानत मिली अमर सिंह को
वो मीडिया बंधुओ से गुंजारिश करते हैं कि उनके नाम के आगे से सपा के पूर्व नेता लगाना बंद करें। उनके अनुभव बेहद ही कष्टप्रद रहे हैं सपा के साथ, वो सब कुछ भूल जाना चाहते हैं। उनका नाम अमर सिंह है जिनकी अपनी एक अलग पहचान है।
आपको बता दें कि अमरसिंह किडनी की समस्या से ग्रसित है। अस्पताल से बाहर निकलते समय अभिनेत्री और लोकसभा सदस्य जया प्रदा उनके साथ थीं। अमर सिंह ने कहा कि किडनी के प्रत्यारोपण के बाद से मैं उपचार के लिए सिंगापुर जाता रहा हूं। कुछ वक्त से मैं वहां जा नहीं पा रहा हूं। मैं सिंगापुर जाने के लिए अदालत से इजाजत मांगूगा।
उनके शरीर को मरम्मत की जरूरत है। अमर सिंह के घर पहुंचने पर उनके समर्थकों ने घर के सामन आतिशबाजी की। उनकी पत्नी ने उनको तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर अमर सिंह की दोनों बेटियां भी मौजूद थीं। अमर सिंह ने कहा कि उनकी यूरीन ट्यूब में इंफेक्शन हो गया था। उनका परिवार काफी परेशान है, चिकित्सकों ने उन्हें तीन नवम्बर को जरूरत पडने पर दोबारा जांच कराने को कहा है। अमर सिंह के गुर्दे में क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ जाने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था। क्रिएटिनिन गुर्दे के काम करने की द्योतक होता है।
गौरतलब है कि साल 2008 में यूपीए सरकार को बचाने के लिए कुछ सांसदो को पैसे देने का आरोप अमर सिंह पर हैं। जिसके चलते पिछले महीने की 6 सिंतबर को अमर सिंह को तिंहाड़ जेल भेज दिया गया था। लेकिन वहां उनकी तबियत बिगड़ जाने पर उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था।
अमर सिंह इन दिनों किडनी के संक्रमण से ग्रस्त है। उनका इलाज लगातार एम्स में चल रहा है, इसी बीच उनको एक बार बेल भी मिल चुकी थी लेकिन बाद उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। जिसके चलते अमर सिंह ने हाईकोर्ट में अपील की,जिसके बाद उन्हें एक करोड़ के मुचलके पर जमानत दे दी गयी।
कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों की जमानत पर सुनवाई आज
जिन कॉरपोरेट दिग्गजों के भाग्य का फैसला होना है वे हैं युनिटेक वायरलेस के प्रबंध निदेशक संजय चन्द्रा, स्वान टेलीकाम के निदेशक विनोद गोयनका और रिलायंस एडीएजी के कार्यकारियों हरि नायर, गौतम दोषी एवं सुरेन्द्र पिपारा।उल्लेखनीय है कि निचली अदालत में सीबीआई ने 2जी घोटाले में द्रमुक सांसद कनिमोझी एवं चार अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर आपत्ति नहीं की थी, लेकिन वह उद्योग जगत की दिग्गज हस्तियों की जमानत की अर्जियों का सुप्रीम कोर्ट में विरोध करेगी।इससे पहले, जांच एजेन्सी ने 24 अक्टूबर को सीबीआई की विशेष अदालत में कनिमोझी, कलेंग्नर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार, कुसेगांव फ्रूटस के आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल और फिल्म निर्माता करीम मोरानी की जमानत याचिकाओं पर आपत्ति नहीं जताई थी।हालांकि, जांच एजेंसी ने निचली अदालत में स्वान टेलीकाम के प्रवर्तक शाहिद बलवा और ए राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया की जमानत याचिका का विरोध किया था।
लेडी अल कायदा को 15 साल की कैद
अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने रिहाई के 15 सालों बाद तक भी उसके विदेश जाने पर भी रोक लगाई है। अदालत ने उसे आतंकवादियों को पनाह देने, आतंकवादी हमलों के लिए लोगों को भड़काने और बिना लाइसेंस के हथियार रखने के मामले में दोषी पाया है। इसके अलावा उस पर करीब एक करोड़ रुपये इकट्ठा करने और उसे यमन में अल कायदा की मदद के लिए भेजने का भी आरोप था। वह यमन और अफगानिस्तान में अल कायदा के आतंकवादियों के साथ भी संपर्क में थी।
एजेंसी
शाहरुख खान की फिल्म ‘रा.वन’ ने भी बनाया रिकार्ड
‘रा.वन’ ने पहले दिन बटोरे 18 करोड़ रु
दीवाली के अगले दिन फिल्म को देखने के लिए सिनेमाघरों में लोगों का हुजुम उमड़ पड़ा और फिल्म ने 25 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और जबकि ‘रा.वन’ के पहले दिन की कमाई थी 18 करोड़ रुपए।
पहली दिन की सबसे ज्यादा कमाई का रिकार्ड अब भी सलमान खान की फिल्म ‘बॉडीगार्ड’ के नाम है लेकिन ‘बॉडीगार्ड’ की कमाई दूसरे दिन घट गई थी जबकि ‘रा.वन’ की कमाई बढ़ गई।
भारत की जमीन पर कब्जा कर सकता है चीन
आईडीएसए ने 'ए कंसिडरेशन ऑफ साइनो इंडियन कॉनफ्लिक्ट' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उन परिस्थितियों का जिक्र किया गया है, जिनके चलते भारत और चीन के बीच संघर्ष की स्थिति बन सकती है। रिपोर्ट के लेखक अली अहमद ने लिखा है कि कारगिल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। चीन का मकसद भारत को सबक सिखाना हो सकता है। वह भारत के सामने अपनी श्रेष्ठता भी साबित करना चाह सकता है। चीन लगातार अपनी ताकत में विस्तार कर रहा है और वह इसे भारत को जताना चाह सकता है।
1999 में कारगिल में पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ कर ली थी, जिन्हें खदेड़ने के लिए भारत को सैनिक ताकत का इस्तेमाल करना पड़ा था और दोनों देशों की सेनाओं के बीच युद्ध हुआ था।
आईडीएसए की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन भारत के किसी भूभाग पर कब्जा भी कर सकता है। वह अरुणाचल प्रदेश के तवांग जैसे किसी इलाके पर अपना कब्जा जमा सकता है। हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि भारत चीन की ऐसी हरकतों का जवाब देने के लिए लगातार ज्यादा तैयार हो रहा है।
हां, अन्ना के आंदोलन को आरएसएस का समर्थन था : बाबा रामदेव
योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा कि इसी बात पर उन्हें अन्ना आंदोलन पर गुस्सा आया और उन्होंने उनके आंदोलन से खुद को अलग कर लिया। रामदेव ने कहा कि यदि अन्ना कहते हैं कि संघ के कार्यकर्ता उनके यहां नहीं थे तो यह ईमानदारी नहीं है। मैं संघ को राष्ट्रवादी संगठन मानता हूं।
मैं संघ की शाखा में नहीं गया पर मेरे आंदोलन में शामिल लोगों में काफी लोग संघ के थे। संघ के कई लोग भी उनसे मिलने आते हैं। लेकिन वह इस बात को मानते भी है।
गौरतलब है कि बीजेपी की ओर से लगातार अन्ना के समर्थन में बात कही जाती हैं जिसके लिए सरकार ने यह राग अलापना शुरू कर दिया है कि आरएसएस, अन्ना को समर्थन कर रही है। हालांकि बाबा रामदेव के समर्थन को भी कांग्रेस ने आरएसएस से प्रेरित बताया था। तब बाबा रामदेव ने इस बात से इंकार किया था।
उत्तर प्रदेश २०१२ के चुनाव में मुसलिम मतदाताओ की भूमिका
लेकिन उत्तर प्रदेश में २००७ के बाद पूर्ण रूप से न सही कुछ हद तक तो सरकार खरी उतरी है उत्तर प्रदेश में २१ जिले मुसलिम आबादी के है ,और केंद्र सरकार दुआर देये गये पेसे को राज्य सरकार ने ४०% पैसा लगा चुकी है वेशेष सचिव तनवीर ज़फर अली ने कहा है की जून की आंकड़ो के अनुसार ६०० करोड़ अब तक राज्य सरकार खर्च कर चुकी है और अन्य विकाश कार्य चल रहे है /
दूसरी तरफ कांग्रेस सषित राज्य में ये काम सुस्ती से चल रहा है केवल जम्मू और उ.प को छोड़ दे तो कोई भी मुस्लिम मतदाताओ को कुछ नहीं दे पाया है जो उन से कहा जाता है /
सही मायने में सर्ब्जन हिताय सर्ब्जन सुखाये का नारा देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार किसी भी बर्ग को नाराज नहीं करना चाहती खास कर मुसलिम मतदाताओ को , २१ जिलों में ४०% की आबादी मुसलिम आबादी है मुसलिम मतदाताओ के मत पर बहुत कुछ निर्भर करता है /
और मुस्लिम मतदाता बहुजन समाज पार्टी या समाजवादी पार्टी के साथ खड़े नज़र आते है कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी तो अभी तक ज़मीन तलाश कर रही है और भारतीय जनता पार्टी तो जितनी भी रथ यात्रा निकाल रही है वह प्रधानमंत्री के उमीदवार के लिए है २०१२ के चुनाव में मुसलिम मतदाताओ पर बहुत कुछ निर्भर करेगा / की पास किस तरफ गिरेगा बहुजन समाज पार्टी की तरफ या समाजवादी पार्टी की तरफ /
Saturday, October 29, 2011
महगाई ने कसा कीसानो पर सीकंजा
इस महगाई के बजह से ही कई कीसानो ने आत्महत्या कर ली है | महगाई की बजह सीर्फ कांग्रेश सर्कार ही है
शांती और ख़ुशी से मनाई दीपावली
भारत से पाकिस्तान को डर लगा

कोडोलीजा राईस की किताब "नो हायर आनर" में खुलाशा किया गया है, की २६/११ के हमले के बाद प्रणब मुखर्जी और पाकिस्तान समकक्ष शाह मसूद कुरैशी के बाच हुई बातचीत से पाकिस्तान बुरी तरह डर गया था कही भारत उन पर हमला न कर दे और इस्लामाबाद इतना घबरा गया की उसने चीन से लेकर अमिरिका तक फ़ोन लगा दिया की भारत हमले की तयारी कर रहा है जब अमरीकी विदेश मंत्री कोडोलिजा राईस ने प्रणब मुखर्जी से जानने की कोशिश भी की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया और कोडोलिजा भी ये समझे बेठे की भारत हमले की तयारी कर रहा है लेकिन भारत के विदेश मंत्री हमले का जवाब देने की जगह अपने चुनावी सभा में थे इस बात का भी खुलाश इसी किताब में किया गया है क्योकि की नेताओ को देश से ज्यदा कुर्सी की चिन्ता रहती है हमला तो फिर भी होगा जवाब फिर भी दे देगे जब कुर्सी ही नहीं होगी तो केसा हमला केसा जवाब /
और क्या सही में पाकिस्तान इतना डर गया, हम मान ही नहीं सकते वह केवल नाटक कर रहा था अगर वह सही मायने में इतना डरता है तो अपनी सीमा के अन्दर आतंकियों को शरण दे रहा है क्यों अपने सीमा में आतंकियों के कैंप चलवाता है क्यों हर बार हमलो में पाकिस्तानी आईसआई का नाम आता है/
डर दिखा कर केवल पाकिस्तान अपने आप को पाक साफ दिखाना चाहता है और दुसरे दसो की सहानुभूति लेना चाहता है क्या की यह हाथी की तरह है जिस के देखने के अलग खाने के अलग दात है/
अगर डर है तो क्यों आतंकियों की आड़ ले कर भारत पर हमला करता है हम से मित्रता क्यों नहीं बढ़ता सयुक्त राष्ट्र संघ और अमिरिका क्यों कुछ नहीं करते जब अमिरिका पर अति है तो वह पाकिस्तान में बिना बताये हमला करता है और लादेन जेसे आतंकी को मार गिरता है भारत को भी अमिरिका से सबक लेना चहिये पाकिस्तान को ये डर सही मायने में अपने अन्दर रख ना होगा कही एक दिन एसा न हो की ये डर सच में बदल जाये /
भ्रष्टाचार में दलों को फंसा रही है सरकार: आडवाणी
Friday, October 28, 2011
Bacho ki ankho par futa patako ka kahar
auditions announce

We are happy to announce that the auditions which we had decided for MORADABAD has been finalised and a team of directors will leave for Moradabad very Soon. Auditions will be held on 30th and 31st October. Venue...hotel grand sai,sai complex.bud
bazar moradabad.
Keep visiting and stay ready for Auditions... you could be the next Best ACTOR :)
Thursday, October 27, 2011
NEW TALENT CINEMA: AUDITIONS Confirmed
Wednesday, October 26, 2011
पटाखा कारखाना में विस्फोट, 8 की मौत
महराजगंज जिले के रामपुरा गांव में विस्फोट इतना जबरदस्त हुआ कि कारखाने का बड़ा भाग ढह गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुछ लोगों की मौत जलने की वजह से हुई जबकि कुछ की मौत मलबे में दबने के कारण हुई। मृतकों में कारखाना के कर्मचारी और ग्राहक शामिल हैं।
घायल हुए सात लोगों को महराजगंज और गोरखपुर जिले के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
पुलिस का मानना है कि बिजली के शार्ट सर्किट होने की वजह से कुछ पटाखों में आग लग गई जिससे इतना तगड़ा विस्फोट हुआ।
किरन के एनजीओ के ट्रस्टी ने छोड़ा साथ .......
HAVE HAPPY AND SAVE DIWALI TO EVERYONE
Tuesday, October 25, 2011
AUDITIONS in MORADABAD
AUDITIONS in MORADABAD by NTC Productions, Mumbai on 30th,31st Oct. and 1st Nov. for upcoming films and serials. We are looking for fresh faces both male and female. FREE ACTING training will be given to selected candidates. No AGE limit. check www.newtalentcinema.blogspot.com .
Call 09058607074,08652237277 for details and registration.
गद्दाफ़ी को 'गुप्त जगह सुबह दफ़नाया' गया

लीबिया के अंतरिम प्रशासन (एनटीसी)के अधिकारियों ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी के शव को अज्ञात जगह पर दफ़ना दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक गद्दाफ़ी के कुछ रिश्तेदार और अधिकारी इस दौरान मौजूद थे. इससे पहले सोमवार तक गद्दाफ़ी का शव मिसराता में एक कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था.
कर्नल गद्दाफ़ी का परिवार चाहता था कि उन्हें सिर्त के पास दफ़नाया जाए लेकिन अधिकारियों ने उन्हें गुप्त रूप से दफ़नाने को तरजीह दी है.
Sunday, October 23, 2011
DOWRY IN INDIA



Dowry is originated in upper caste families as the wedding gifts to the bride from her family.dowry was later given to help the marriage expenses and became a form of insurance in case her in-laws mistreated her. The groom often demands consisting of large sum of money., farm animals., furnitures , electronics etc. The practice of dowry abuse is rising in India. most servere in "bride burning" the burning of women whose dowries were not consider sufficient by their husbands and in-laws. It is evident that their exist deep rooted prejudices against women in India....The extraction of DOWRY from bride'family prior to marriage still occurs..... for dowry bride always abused, harassed and made miserable.... the number of dowry murders are increasing rapidly.,.,
now its high time to raise our voice against dowry.......so that we could save many inocent womens life,.,,. their should be strict law should be built for the betterment............!!!!!!!
आज़ाद भारत में ऐसे समाज और देश में आज मेरा दिल रो रहा है
इसी महीने की शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर ज़ोरदार बम फटा. इस धमाके से कोई अछूता नहीं रहा. इसकी चपेट में आए कई लोग अपनी जान गंवा बैठे और ढेरों अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं. जो लोग दूर घरों में थे उनकी आत्मा मर गई और दिल घायल हो गए.मैं भी शायद ऐसे ही चंद लोगों में हूं. बार-बार की आतंकी वारदातों ने मेरा दिल छलनी कर दिया है और मेरे उत्साह की हत्या. आज मेरा परिवार कहीं जाना चाहता है तो मैं उन्हें डरा देता हूं और उनके उत्साह के दमन का हर प्रयास करता हूं.
मेरे अंदर यह परिवर्तन पिछले कुछ सालों में ही आया है. इससे पहले मैं खुद को खुशनसीब समझता था कि मेरा जन्म आज़ाद भारत में हुआ है. मैं गर्व महसूस करता था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है, इसका संविधान दुनिया का सबसे अच्छा संविधान है और यहां नागरिकों को सम्मान का जीवन व्यतीत करने की हर तरह के अधिकार प्राप्त हैं.
लगातार हो रहे धमाकों ने मेरे विचारों की धज्जिया उड़ा कर रख दी हैं. आज मुझे दुख है कि मैं अपने ही देश में डर-डर कर जीने को मजबूर हूं.
मुझे इस बात का इल्म है कि मेरे देश में एक सक्षम सरकार है जिसके पास ताकत और पैसा दोनों हैं. देश में ज़बरदस्त कानून व्यवस्था है, प्रशासक हैं और वह सब कुछ है जो किसी भी देश के नागरिक के जीवन को सुखी और निडर बनाने के लिए काफी है. पर अफसोस सिर्फ इस बात का है कि इन सबका इस्तेमाल न तो ठीक तरह से हुआ और न ही हो रहा है. अगर ऐसा हो रहा होता तो निश्चित ही मेरा परिवार मुझसे नाराज़ न होता और हमारा जीवन का उत्साह पिंजरे में कैद न होता.
इसी व्यथित मन से मैने घर में कह दिया कि अगर कभी विदेश जाने का मौका लगा तो पासपोर्ट फाड़कर फेक दूंगा और कभी वापस नहीं आउंगा. सब सकते में आ गए क्योंकि मैं ही था जो कभी कहता था कि पड़ोसी की फूलों की सेज़ से अपने घर का टाट का बिछौनी बेहतर है. लेकिन क्या करूं अब घर का टाट ही जवाब दे रहा है और इसमें से सड़न-गलन की बू आने लगी है.
भारत में चल रही राजनीति की दिशा और दशा ने मुझे सबसे अधिक कष्ट दिया है.
मानता हूं हर समाज में असमाजिक तत्व होते हैं. कानून तोड़े जाते हैं, अपराध होते हैं और धमाके भी होते हैं. पर उनसे निपटने की तैयारी भी होती है और सबक देने के लिए सज़ा. हमारे देश में ही यह सब है पर इन सबके ऊपर है राजनीति.
धमकों के बाद टीवी खोलिए किसी भी न्यूज़ चैनल पर शासक दल के नेता सरकार की सतर्कता का बखान करते दिख जाएंगे, पुलिस और जांच अधिकारी उपलब्धियां गिना रहे होंगे और विपक्ष के नेता इन सबमें खामियां निकाल रहे होंगे. सच मानिये इस बीच एक धमाका और हो जाएगा.
नेताओं की राजनीति और सत्ता लोभ ने मुझ जैसे आम आदमी की ज़िंदगी को दूभर बन दिया है. मेरे जैसे न जाने कितने ही लोग हैं जो अपने ही देश और समाज में एक- दूसरे से डरते हैं, हर अजनबी से बचते हैं और किसी जानने वाले पर भी अविश्वास की भावना रखते हैं.
ऐसे समाज और देश में आज मेरा दिल रो रहा है. मेरी आतुर निगाहें उसको तलाश रही हैं जो मेरे आंसू पोंछ सके, मेरे अंदर बैठे डर को भगा सके, अपनों के प्रति मेरा विश्वास जगा सके और मेरे परिवार की मेरे लिए नाराज़गी दूर कर सके.
टर्की में आये भूकंप से करीब 1 हजार लोग मरे
Saturday, October 22, 2011
भंवरी देवी केस में आरोपी शहाबुद्दीन ने किया सरेंडर
राजस्थान के बहुचर्चित भंवरी देवी कांड में आरोपी ने सरेंडर कर दिया है. इसके बाद यह पेचीदा मामला सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है.
शहाबुद्दीन पर भंवरी देवी की हत्या का आरोप है. शहाबुद्दीन ने जोधपुर में सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया. इसके बाद उसे मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया.
बहरहाल, सियासी गलियारों के अटकलों का सैलाब पैदा करने देने वाले इस कांड पर केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश की भी निगाहें लगी हुई हैं
प्रकर्ति,का सबसे बड़ा सच
Friday, October 21, 2011
AMBITION

आशा भोंसले का नाम गिनीज बुक में दर्ज
Women education in India

भारत ने फ्रांस से कहा, पगड़ी के मुद्दे पर हल निकाला जाए
साभार वार्ता
नई दिल्ली। भारत ने फ्रांस से कहा है कि उसके स्कूलों में सिख छात्रों के पगड़ी पहनने पर लगे प्रतिबंध के मुद्दे का परस्पर स्वीकार्य हल निकाला जाना चाहिए।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने आज यहां फ्रांस के विदेश मंत्री ए. जुप्पी के साथ बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पगड़ी गौरव का प्रतीक है और यह हर भारतीय के लिए संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर श्री जुप्पी के साथ बातचीत की गई है और इस बात पर जोर दिया गया है कि इसका दोनों पक्षों द्वारा स्वीकार्य समाधान निकाला जाना चाहिए।
फ्रांस: पगड़ी मामले में सिखों को भारत से उम्मीदें
श्री कृष्णा ने बताया कि उन्होंने इटली में हवाई अड्डों पर सिखों को पेश आ रही समस्याओं के संबंध में भी वहां के विदेश मंत्री को पत्र लिखा है। इसके अलावा यूरोपीय संघ के साथ भी मुद्दा उठाया गया है।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने इस बात का खंडन किया कि पगड़ी पहनने पर प्रतिबंध लगाकर उनके देश में सिखों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को अन्य समुदायों की तरह ही सम्मान मिलता है।
उन्होंने कहा कि फ्रांस का समाज स्वतंत्रता, धर्मनिपेक्षता और लोकतंत्र में विश्वास करता है और मानता है कि धर्म का राजनीति और दैनिक जीवन में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। देश में सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के लिए कानून बनाया गया है।
श्री जुप्पी ने कहा कि फिर भी पगड़ी के मुद्दे पर दोनों देशों के संबंधित अधिकारी विचार-विमर्श कर सकते हैं।
सांपों को छिपाना और पालना बंद करे पाक"
हिलेरी ने कहा कि अफगानिस्तान की सेना तथा वहां तैनात अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल के जवान अफगानिस्तान से आतंकी गतिविधियां चला रहे आतंकियों पर शिकंजा कस रहे हैं। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान की सरकार उसकी सरजमीं पर सुरक्षित पनाह लेने की आस में वहां से भाग कर आने वाले आतंकियों को शरण देने से इंकार करे। पाकिस्तान को तालिबान को बातचीत के लिए तैयार करने के लिए अच्छी भावना से प्रोत्साहित करना चाहिए। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में स्थिरता के लिए पाकिस्तान का मजबूत रहना जरूरी है।
आयकर विभाग ने केजरीवाल को भेजा नोटिस
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| अरविन्द केजरीवाल |
नई दिल्ली। अन्ना टीम पर एक के बाद एक मुसीबतों का पहाड़ टूट रहा है , किरण बेदी के बाद इस बार निशाना लगा है इनके प्रमुख सहयोगी अरविन्द केजरीवाल पर । आयकर विभाग ने अन्ना हजारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल कोएक बार फिर नोटिस भेजा है। यह नोटिस बकाया रूपए को लेकर भेजा गया है। नोटिस में केजरीवाल से 27 अक्टूबर तक 9.5 लाख रूपए चुकाने को कहा गया है। केजरीवाल को इससे पहले भी आयकर विभाग का नोटिस भेजा जा चुका है।
तब केजरीवाल ने कहा था कि उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा है। इसलिए भुगतान की राशि माफ कर दी जाए लेकिन आयकर विभाग ने केजरीवाल का अनुरोध ठुकराते हुए उनको फिर से नोटिस भेजा है। आयकर विभाग के मुताबिक केजरीवाल अब भी आईआरएस के मुलाज़िम हैं और 2006 में दिए गए उनके इस्तीफ़े को विभाग ने मंज़ूर नहीं किया है।
सितबंर वाले नोटिस में कहा गया था कि जब तक वह विभाग की बाकाए राशि को जमा नहीं करते हैं उनका इस्तीफ़ा नामंज़ूर समझा जाएगा। आपको बता दें कि 2006 में केजरीवाल ने आईआरएस से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन विभाग का कहना है कि उन्होंने स्टडी लिव ली थी और उस दौरान अपनी तनख्वाह भी ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने अनुबंध को तोड़ते हुए नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया था, ऐसे में स्टडी लिव के दौरान उन्होंने जो रकम ली थी उसे लौटाना होगा।
insaan ki pehchan
agr galti rulati h to vh bhi kuch sikhlati h,
hei insaan galti ka putla,vh aksar ho hi jati h,
jo galti karke pachtaye usee insaan kehte h,
kabhi dhanvan h kitna,kabhi insaan nirdhan h,
kabhi dukh h,kabhi sukh h issi ka naam jeevan h,
musibat mei na ghabrai usee insaan kehte h,
yeh duniya ek uljhan h,khi dhokha khi thokar,
koi hasss hasss ke jeeta h,koi jeeta h ro rokar,
jo girkar phir sambhal jaye usse,insaan kehte h,,,,,,,
Thursday, October 20, 2011
उत्तर प्रदेश में जंगल राज - राजनाथ सिंह
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने जनस्वाभिमान यात्रा के आठवें दिन पश्चिमी उ0प्र0 के विलीसी बिसौली, बजीरगंज आदि जनसभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के साढ़े चार वर्षों में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति सबसे बद से बदतर हो गई है और भाजपा शासन में आते ही अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उनहोंने नेशलन क्राइम ब्यूरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अपहरण, हत्या, लूट और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में उ0प्र0 में भारी वृद्धि हुई है। 2009 में 27414 मामले दर्ज हुए हैं। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश के ग्राम विकास मंत्री, श्री दददू प्रसाद पर लगे बलात्कार का आरोप काफी शर्मनाक है और बांदा में बसपा नेता द्वारा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी आनन्द सिंह को उनके घर में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गयी जिसमे बसपा सांसद प्रतिनिधि समेत दो नामजद हैं,सरकार के दबाव में अनगिनत मामले सामने नहीं आ पाए। भाजपा सरकार बनने पर इस प्रकार से दबाए गए मामलों की जांच होगी और दोषियों को कठोर दंड मिलेगा। नेशनल क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार देश में अपहरण, लूट, हत्या और बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के माामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए हैं। बसपा सरकारकेसांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों एवं मंत्रियों के नाम हत्या, अपहरण एवं बलात्कारजैसे मामले सामने आ रहे हैं।यह स्थिति बड़ी शर्मनाक है। महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराध के मामलें भी उत्तर प्रदेश में काफी तेजी से बढ़े है और दलितों के विरूद्ध भी हिंसा के सर्वाधिक मामलें भी इस प्रदेश में दर्ज किए गए है। नेशनल क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार देश में दलितों की होने वाली कुल हत्याओं में से 37.7 प्रतिशत हत्याएं उत्तर प्रदेश में हुई हैं जबकि दलितों के अपहरण के मामलें में तो यह संख्या लगभग 50 फीसदी पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश में स्थिति कितनी बिगड़ चुकी है इसका अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र एक वर्ष (2009) में प्रदेश की पुलिस द्वारा फायरिंग की 637 घटनाएं हुई जबकि आतंकवाद की समस्या से जूझ रहे जम्मू एवं कश्मीर में पुलिस फायरिंग की मात्र 147 घटनाएं ही सामने आई हैं। इन घटनाओं में उत्तर प्रदेश में जहां 56 लोग मारे गए वहीं जम्मू एवं कश्मीर में मात्र 28 लोग मारे गए। इसका अर्थ यह है कि उत्तर प्रदेश में हालात जम्मू एवं कश्मीर से भी अधिक बिगड़ चुके हंै। इस प्रदेश की जनता ने बसपा को इसलिए सत्ता सौंपी थी कि वो सपा शासन के गुंडाराज को समाप्त कर सके लेकिन सत्ता में आने के बाद बसपा भी सपा के नक्शे कदम पर चल रही है। जिसके कारण इस समय प्रदेश में जंगल राज चल रहा है।भाजपा जब प्रदेश की सत्ता में आयेगी तो कानून एवं व्यवस्था को स्थापित करना हमारी पहली प्राथमिकता होगी क्योंकि शांति और व्यवस्था की स्थापना के बिना विकास की कल्पना करना बेईमानी है। उन्होंने कहा कि गन्ने का समर्थन मूल्य न घोषित होने के कारण चीनी मिले बंद पड़ी हैं यह चिन्ता का विषय है। श्री सिंह ने 300 रू0 प्रति क्विटंल गन्ने की कीमत घोषित करने की मांग की।इस जनसभा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने सूबे कि मुखिया मुख्यमंत्री मायावती को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुलायम सिंह को हटाकर अमन-चैन के लिए जनता ने बसपा सरकार का चुना। जनता ने बसपा के चार साल के शासन को भली-भांति देख लिया। न प्रदेश में अमन चैन आया न विकास। बसपा विधायकों की उपलब्धि किसी बलात्कार, घोटाले या जमीन के कब्जे के चर्चे में रहना है। प्रदेश सरकार के काबीना मंत्री पर पिछले चार सालों से एक अबला के साथ बलात्कार के आरोप शर्मशार करने वाले हैं। उन्होंने बिलसी की ज्योति शर्मा के साथ दुराचार की चर्चा करते हुए कहा कि आज प्रदेश में गुण्डों का राज है। थानों से सत्ता चलाई जा रही है, पुलिस का दरोगा एस0 पी0 के बजाए बसपा के आदेश पर कार्य कर रहा है। उनका कहना था कि भाजपा की सरकार आने पर प्रदेश को भ्रष्टाचार और अपराध से मुक्ति दिलाएंगे।
लीबिया का पूर्व तानाशाह कर्नल गद्दाफी ढेर
इससे पहले ऐसी खबरें आ रही थीं कि गद्दाफी के दोनों पैरों में गोलियां लगने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया. इसके बाद अल-जजीरा ने गद्दाफी के मारे जाने की पुष्टि कर दी. उनके गृहनगर सिर्त पर पूरी तरह से विद्रोहियों का कब्जा हो चुका है.
लीबिया के पूर्व तानाशाह को आखिरकार विद्रोही सेना ने लंबे संघर्ष के बाद मार गिराया गया. इस तरह से 1969 से लीबिया की सत्ता पर काबिज रहने वाले तानाशाह गद्दाफी का अंत हो गया. त्रिपोली और सिर्ते शहर में राष्ट्रीय गान गाए जा रहे हैं. वहां अभी भी चारों ओर गोलियां चल रही हैं.
युवाओ ने दिखाया दम सीरिज़ पर कब्ज़ा
सरपंच से मुलाकात के विवाद को लेकर हजारे बरसे राहुल पर
मैंने कोई निजी फायदा नहीं उठायाः किरण बेदी
टीम अन्ना में आंतरिक मतभेद रुकने का नाम ही नहीं नहीं ले रहा है , आतंरिक मतभेद से गुजरा रही टीम अन्ना एक और विवाद से घिर गई है। इस बार विवादों के घेरे में है किरण बेदी किरण बेदी ने गुरुवार को हवाई टिकटों पर छूट का लाभ लने के आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने कोई निजी फायदा नहीं उठाया।
किरण बेदी के खिलाफ लगे आरोप में कहा गया है कि उन्होंने अपने बहादुरी के मैडल का इस्तेमाल एयर इंडिया के टिकटों पर 75 प्रतिशत छूट हासिल करने के लिये किया। इसके बाद जो आयोजक उन्हें आमंत्रित करते थे उनके पास पूरा किराये का बढ़ा हुआ बिल भेज दिया जाता था।
इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण बेदी ने कहा कि बिजनेस क्लास में यात्रा करना कार्यक्रम आयोजित करने वाले संगठनों या कारपोरेट के आमंत्रण पात्रता का हिस्सा होता है, जिसमें मैं भाषण देने जाती हूं। पात्रता के बावजूद इकोनोमी क्लास में यात्रा करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इससे बचने वाला धन गैर सरकारी संगठन के काम आये।
उन्होंने कहा कि यहां कोई निजी फायदा नहीं हुआ। कीचड़ उछालने के लिये खासी मेहनत करने वाले आलोचकों को हुई मायूसी पर मुझे खेद है। हालांकि इस प्रकार की कवरेज को मैं चुनौतियों का हिस्सा मानती हूं जो सार्वजनिक जीवन में आते हैं। किरण बेदी ने कहा कि इस प्रकार से बचाया गया धन उनके द्वारा चलाये जा रहे गैर सरकारी संगठन इंडिया विजन फाउंडेशन को गया।
गौरतलब है कि प्रशांत भूषण द्वारा कश्मीर में जनमत सर्वेक्षण कराये जाने का समर्थन करने और कोर कमेटी के दो प्रमुख सदस्यों पीवी राजगोपाल एवं रजिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद टीम अन्ना संकट के दौर से गुजर रही है।
कोर कमेटी में पर्याप्त चर्चा के बगैर टीम अन्ना द्वारा हिसार उपचुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाये जाने के कदम को लेकर भी मतभेद है। किरण बेदी ने कहा कि मेरे पास छिपाने के लिये कुछ भी नहीं है। जो भी धन कार्यक्रम आयोजकों की तरफ से आया वह संस्थान को चला गया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में एक लाभार्थी नहीं हैं क्योंकि जो धन उन्हें मिला वह उनके एनजीओ को चला गया।
उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि मैं व्याख्यान और किताबों के रायल्टी के जरिये काफी पैसा पाती हूं। मैं इसे गैर सरकारी संगठनों को दान कर देती हूं। किरण बेदी ने यह भी दावा किया कि वह स्वयं अपनी यात्रा का दर्जा घटा देती हैं और यहां तक कि आयोजक भी इस बात को जानते हैं।
किरण बेदी ने कहा कि लोग जानते हैं कि मैं अपनी यात्रा का दर्जा घटा रही हूं। आयोजक इसकी सराहना करते हैं। वे कहते हैं कि हम आपके इस रवैये की प्रशंसा करते हैं जिससे आप फाउंडेशन के लिये धन बचाती हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान अपने कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये स्वयं ही उन्हें बिजनेस क्लास किराये का प्रस्ताव देते हैं। किरण ने कहा कि जब न्यौता आता है तो मैं इस बात का फैसला करती हूं कि बिजनेस क्लास में जाना है या खुद ही दर्जा घटाना है। कई बार मैं ऐसा करना पसंद करती हूं और इकोनोमी क्लास में यात्रा करती हूं। इस तरह से बचाया गया धन फाउंडेशन को जाता है।
उन्होंने कहा, ऐसा कोई भी धन नहीं है जिसे मैंने निकाला है। आमंत्रण फाउंडेशन को आता है, चेक फाउंडेशन के लिये होता है, धन फाउंडेशन के द्वारा निकाला जाता है और बचाया गया धन फाउंडेशन में है। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह भी कहा कि जब कुछ एनजीओ उन्हें आमंत्रित करते हैं तो वह उनका खर्च नहीं उठा पाते हैं तो वह फाउंडेशन के धन का इस्तेमाल जाने के लिये करती हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में टीम अन्ना के सदस्यों में मतभेद उभरकर सामने आये हैं। कुछ सदस्य हजारे के इस रुख से आश्चर्य में हैं कि टीम में प्रशांत भूषण के बने रहने पर फैसला कोर कमेटी करेगी।
"Western Culture Promotes Divorces"

In India marriages are thought for life and the divorce rate is extremely low compared to western Countries. From many centuries, arranged marriages have been a tradition in Indian society. Even today in many of the Indian families, marriages are arranged by their parents and other family members, with the consent of both the bride and groom.
Arranged marriages are a cultural tradition which many of the people gets confused with forced marriages. Arranged marriages are made taking into account age, height, personal values, tastes, status, castes, background of their families and astrological compatibility. In arranged marriages dowry is demanded, this has been outlawed by the Indian government, but even today this practice of dowry system is prevailing. Many people strived hard for the eradication of this system in earlier independent days as a result dowry prohibition act was enacted in 1961. Indian society and culture promotes and maintains his it, though it has been outlawed, by not letting authorities know about arrangements of money or any such exchanges.
Love marriage comes with greater expectations between partners, as they feel that they have mutual understanding and that they know each other inside out by the time marriage arrives. But when the situation changes after marriage, that is, when the expectations are not reached, there arrives the thought to get divorced. Expectations play a key role here.
Divorce rates are high in love or western cultured marriages than arranged marriages. This may be because, social pressures to not to get divorce are more in arranged marriages. There may be many reasons to get divorced one of the important one is abusive behavior of spouse. In earlier days, women used to depend on men for their basic needs but now women are more independent and are not ready to accept any kind of ill behavior of their spouse.
People are selfish and are too lazy to work on their relationships. It’s all about them and what they want, they don’t care about their significant other while relationships are about give and take, compromise, understanding and team work. Western culture of dating, love marriages, agreements made for a shorter time relationship are definitely showing their impact on present generation. This is the main reason for the advancement of divorce rates in India.
In India when traditions are followed divorce rate is very less. Western culture’s impact increased the rate of divorces in India. Divorce rates can be reduced by changing the thinking of people by bringing them out from the impact of western culture. Relationships can be maintained only with a feel to keep them, At least with a feel not to end them for silly reasons. Divorce rates reduce only when people understand this.




















