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Thursday, October 20, 2011

मैंने कोई निजी फायदा नहीं उठायाः किरण बेदी


टीम अन्ना में आंतरिक मतभेद रुकने का नाम ही नहीं नहीं ले रहा है , आतंरिक मतभेद से गुजरा रही टीम अन्ना एक और विवाद से घिर गई है। इस बार विवादों के घेरे में है किरण बेदी किरण बेदी ने गुरुवार को हवाई टिकटों पर छूट का लाभ लने के आरोप के जवाब में कहा कि उन्होंने कोई निजी फायदा नहीं उठाया।
किरण बेदी के खिलाफ लगे आरोप में कहा गया है कि उन्होंने अपने बहादुरी के मैडल का इस्तेमाल एयर इंडिया के टिकटों पर 75 प्रतिशत छूट हासिल करने के लिये किया। इसके बाद जो आयोजक उन्हें आमंत्रित करते थे उनके पास पूरा किराये का बढ़ा हुआ बिल भेज दिया जाता था।
इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए किरण बेदी ने कहा कि बिजनेस क्लास में यात्रा करना कार्यक्रम आयोजित करने वाले संगठनों या कारपोरेट के आमंत्रण पात्रता का हिस्सा होता है, जिसमें मैं भाषण देने जाती हूं। पात्रता के बावजूद इकोनोमी क्लास में यात्रा करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इससे बचने वाला धन गैर सरकारी संगठन के काम आये।
उन्होंने कहा कि यहां कोई निजी फायदा नहीं हुआ। कीचड़ उछालने के लिये खासी मेहनत करने वाले आलोचकों को हुई मायूसी पर मुझे खेद है। हालांकि इस प्रकार की कवरेज को मैं चुनौतियों का हिस्सा मानती हूं जो सार्वजनिक जीवन में आते हैं। किरण बेदी ने कहा कि इस प्रकार से बचाया गया धन उनके द्वारा चलाये जा रहे गैर सरकारी संगठन इंडिया विजन फाउंडेशन को गया।
गौरतलब है कि प्रशांत भूषण द्वारा कश्मीर में जनमत सर्वेक्षण कराये जाने का समर्थन करने और कोर कमेटी के दो प्रमुख सदस्यों पीवी राजगोपाल एवं रजिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद टीम अन्ना संकट के दौर से गुजर रही है।
कोर कमेटी में पर्याप्त चर्चा के बगैर टीम अन्ना द्वारा हिसार उपचुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाये जाने के कदम को लेकर भी मतभेद है। किरण बेदी ने कहा कि मेरे पास छिपाने के लिये कुछ भी नहीं है। जो भी धन कार्यक्रम आयोजकों की तरफ से आया वह संस्थान को चला गया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में एक लाभार्थी नहीं हैं क्योंकि जो धन उन्हें मिला वह उनके एनजीओ को चला गया।
उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि मैं व्याख्यान और किताबों के रायल्टी के जरिये काफी पैसा पाती हूं। मैं इसे गैर सरकारी संगठनों को दान कर देती हूं। किरण बेदी ने यह भी दावा किया कि वह स्वयं अपनी यात्रा का दर्जा घटा देती हैं और यहां तक कि आयोजक भी इस बात को जानते हैं।
किरण बेदी ने कहा कि लोग जानते हैं कि मैं अपनी यात्रा का दर्जा घटा रही हूं। आयोजक इसकी सराहना करते हैं। वे कहते हैं कि हम आपके इस रवैये की प्रशंसा करते हैं जिससे आप फाउंडेशन के लिये धन बचाती हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान अपने कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये स्वयं ही उन्हें बिजनेस क्लास किराये का प्रस्ताव देते हैं। किरण ने कहा कि जब न्यौता आता है तो मैं इस बात का फैसला करती हूं कि बिजनेस क्लास में जाना है या खुद ही दर्जा घटाना है। कई बार मैं ऐसा करना पसंद करती हूं और इकोनोमी क्लास में यात्रा करती हूं। इस तरह से बचाया गया धन फाउंडेशन को जाता है।
उन्होंने कहा, ऐसा कोई भी धन नहीं है जिसे मैंने निकाला है। आमंत्रण फाउंडेशन को आता है, चेक फाउंडेशन के लिये होता है, धन फाउंडेशन के द्वारा निकाला जाता है और बचाया गया धन फाउंडेशन में है। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह भी कहा कि जब कुछ एनजीओ उन्हें आमंत्रित करते हैं तो वह उनका खर्च नहीं उठा पाते हैं तो वह फाउंडेशन के धन का इस्तेमाल जाने के लिये करती हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ हफ्तों में टीम अन्ना के सदस्यों में मतभेद उभरकर सामने आये हैं। कुछ सदस्य हजारे के इस रुख से आश्चर्य में हैं कि टीम में प्रशांत भूषण के बने रहने पर फैसला कोर कमेटी करेगी।

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