click here

Wednesday, October 12, 2011

राहुल का दलित प्यार

राहुल गाँधी शायद कुछ दिनों से दिय्टिंग पर है जो टला भुना खाने  से बचते है और हल्का खाना खाने किसी भी दलित का घर पहुच जाते है /चलो ये तो विशवाश है के दलित के घर हल्का या रुखी रोटी मिलती है ,पता नहीं बार बार इस खबर से राहुल क्या जाहिर करना कहते है की जो उन्हें केवल दलित का घर पसंद आता है पुरे गाव मै क्या कोई और नज़र नहीं आता ,राहुल जी गरीबो  को पहचानो क्योकि हर गरीब  दलित होता है और हर गरीब के घर रुखी ही रोटी मिलती है तभी तो आपकी सरकार सन 1911 की नीतियों पर चल रही हे  और जो आज भी गरीबो को गरीब ही समझ्र रही हो  / राहुल जी सरकार है तो कुछ करो या दलित के घर खाना खाना है  कुछ करो राहुल जी नहीं तो हर गरीब दलित  होता नज़र ayega   

Tuesday, October 11, 2011

आज अन्‍ना की 'पोल' खोलेंगे दिग्विजय सिंह ?




कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह आज टीम अन्‍ना की 'पोल' खोलने वाले हैं। उनका कहना है कि वह बुधवार को ऐसा सुबूत पेश करेंगे, जिससे साबित हो जाएगा कि अन्‍ना हजारे के आंदोलन को आरएसएस का समर्थन था।


सिंह ने मंगलवार को मीडिया से कहा था कि उनके पास अन्‍ना के आंदोलन को संघ की ओर से समर्थन दिए जाने के सुबूत हैं, जिसे वह बुधवार को सामने लाएंगे। टीम अन्‍ना लगातार इस बात से इनकार करती रही है कि उनके आंदोलन से सीधे तौर पर आरएसएस का कोई लेनादेना है।



सिंह का दावा है कि उनके पास एक चिट्ठी है, जिसमें साफ लिखा हुआ है कि अन्‍ना के आंदोलन को आरएसएस का पूरा समर्थन है। यह चिट्ठी आरएसएस की ओर से अन्‍ना हजारे को लिखी गई थी। दिग्विजय सिंह का यह भी कहना है कि उनके पास आरएसएस के कार्यकर्ताओं को लिखी गई चिट्ठी की भी प्रति है। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, 'मेरे पास संघ की उस चिट्ठी की प्रति भी है, जो आरएसएस के सभी कार्यकर्ताओं को दी गई थी। इस चिट्ठी में सभी कार्यकर्ताओं को बाबा रामदेव और अन्ना हजारे के अभियान में मदद करने को कहा गया था। राम माधव अन्ना हजारे के समर्थन में मंच पर आए थे। गोविंदाचार्य जी ने बयान दिया था कि अन्ना के ज़्यादातर कार्यकर्ता आरएसएस से थे। रामलीला मैदान में प्रबंधन का काम बीजेपी या आरएसएस काडर ने किया था। मोहन भागवत ने अपने दो टूक बयान में कहा था कि वह अन्ना हजारे का समर्थन कर रहे हैं।'





यह दावा करने से कुछ ही घंटे पहले कांग्रेस महासचिव ने अन्ना हजारे को एक चिट्ठी लिख कर उनसे सवाल पूछा था कि वह भाजपा के खिलाफ क्यों नहीं बोल रहे हैं। उन्‍होंने कहा था कि अन्‍ना स्‍वार्थी और कांग्रेस विरोधी लोगों से घिरे हैं। दिग्विजय ने अन्‍ना को इन साथियों से सावधान रहने की नसीहत भी दी थी।

Wednesday, October 5, 2011

मुझे सत्य का ज्ञान हो गया है...अब माफ़ करना दोस्तों

जिंदगी से लड़ते लड़ते थकने लगा हु , जहा भी जाता हूँ हर जगह मुझे न जाने क्यों कमीने टाइप के लोग ही मिलते है
सोचता हूँ कि शायद कोई कमी मुझमे ही होगी पर जब आज मैंने थोडा वक्त निकालकर गहराई से सोचा तो पाया कि
जो कमी मुझमे है वो हर इंसान में होती है , और हर वो इंसान जो आज सफल है उसने वो अपनी इस कमी को दूर
कर चूका है , मै न जाने अभी तक ये बात नहीं समझ पाया कि मै हर किसी के साथ इमानदारी से पेश आता हूँ चाहे वो
हरामी टाइप का हो या कोई कमीना , और इसी कि वजह से लोग मुझे पनपने नहीं दे रहे है पर आज से मै अपनी वो
कमी दूर करने जा रहा हूँ , आब मै भी वाही करूँगा जो कि मेरे बाकि के काबिल भाई कर रहे है , आब या तो मेरा भी
कुछ नाम होगा या कुछ दीनो बाद गाँव जाकर खेती बाड़ी करूँगा ............... मुझे सत्य का ज्ञान हो गया है

Tuesday, October 4, 2011

धरती पर फिर गिरेगा ढाई टन का रोसैट सेटेलाइट

एक और उपग्रह धीरे-धीरे पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। उम्मीद है कि वह पृथ्वी पर इस माह के अंत या नवंबर की शुरुआत में गिरेगा। ‘रोसैट’ नाम का यह उपग्रह जर्मनी का है।
जर्मन वैज्ञानिकों ने इस बात की जानकारी दी है। हालांकि जर्मनी का यह उपग्रह यूएआरएस से छोटा है। यूएआरएस अपर एटमॉसफियर रिसर्च सेटेलाइट छह टन का था, जबकि रोसैट का वजन मात्र ढाई टन है। इसका प्रक्षेपण 1990 में किया गया था। यह सेटेलाइट 1998 में निष्क्रिय हो गया था।
जानकार मानते हैं कि यूएआरएस की तुलना में जर्मन सेटेलाइट से ज़्यादा टुकड़े टूटकर धरती पर गिरेंगे। जर्मन स्पेस एजेंसी का कहना है कि सेटेलाइट के 30 टुकड़े धरती पर गिरेंगे। जर्मन स्पेस एजेंसी ने कहा है कि इस सेटेलाइट के टुकड़ों के किसी शख्स पर गिरने की संभावना 2000 में 1 के बराबर है। जबकि नासा के सेटेलाइट यूएआरएस के टुकड़ों की किसी व्यक्ति पर गिरने की संभावना 3,200 में 1 के बराबर थी।

कुछ दिनों पहले ही अमेरिका का यूएआरएस सेटेलाइट धरती पर आकर गिरा था। हालांकि, यूएआरएस के धरती पर गिरने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था।
click here

AIRTEL

click here