अगर कोई बात जबान पर आकर अटक रही हो तो
उसे यहाँ उगल दीजिये ... वो खबर बन जाएगी |
फिर आपका दिल हल्का महसूस करेगा ....!!!!!!!!!!!!!!खबरनामा पर सदस्यता के लिए हमें मेल करे mani655106@gmail.com पर |
!!!!!!!!!!!!!!!!
या अपनी मेल आई डी नीचे लिखे बॉक्स में टाइप करे |
Tuesday, August 2, 2011
नया दौर पुराना दौर
ये और बात है कि आज गर्दिश में है हम | मगर एक दौर था जब सबके बाप हुआ करते थे | ये और बात है कि आज मेरे साथ नहीं कोई | एक वक्त था ,जब हम कुत्तो के भी साथ हुआ करते थे मनीष कुमार पाण्डेय (मेरे कुछ प्रिय मित्रो को समर्पित .......)
No comments:
Post a Comment