पिछले साल भारत की विश्व कप खिताबी जीत में अहम् भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह की बीमारी ज्यादा गंभीर नहीं है |इस स्टार क्रिकेटर को कैंसर था जो अब लगभग ख़त्म हो चुका है |युवराज अमेरिका में केमोथेरेपी करा रहे है|युवराज के पहले चरण का इलाज पूरा हो गया गया है ,और दूसरे चरण का इलाज शुरू हो गया है |युवराज का कैंसर लगभग ख़त्म हो चुका है ,इसकी जानकारी खुद युवराज ने दी |क्रिकेटर योगराज शिंह के बेटे 12 दिसंबर 1981 को जन्मे युवराज सिंह ने अपने करियर की शुरुआत अक्टूवर २००० में की थी |केन्या के खिलाफ युवराज ने पहला वनडे मैच खेला |दूसरे ही वनडे मैच में आसटेलिया के खिलाफ ८२ गेंदों में ८४ रन ठोककर युवराज ने शानदार आगाज किया |इसके बाद २००१ में आस्ट्रेलिया के खिलाफ युवराज को जगह नहीं मिली |इसी साल श्रीलंका के खिलाफ जब युवराज को खेलने का मौका मिला तो उन्होंने ९८ रनों की पारी खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की |जुलाई २००२ में इंग्लॅण्ड के खिलाफ नेटवेस्ट सीरिज में युवराज ने मोहम्मद कैफ के साथ मिलकर भारत को जीत दिलाई |जिसके बाद युवराज को २००३ विश्व कप टीम के लिए चुना गया |युवराज ने भारत के कमजोर मने जाने वाले मध्यमक्रम को मजबूती दी |२००५-६ में वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन बार मैन ऑफ़ द सीरिज का ख़िताब अपने नाम किया |२००७ में हुए टी -२० विश्व कप में खिताबी जीत दिलाने में अहम् भूमिका निभाई थी |२००७ में ही युवराज ने टी २० विश्व कप के दौरान इंग्लॅण्ड के खिलाफ २० सितम्बर २००७ को स्टुअर्ट ब्रोड के एक ओवर में लगातार छ: छक्के जड़े |
इसके बाद युवराज को विश्व कप २०११ की टीम में चुना गया |युवराज बल्लेबाजी के आलावा कम चलाऊ गेंदबाज भी हैं और कई बार मुश्किल समय में भारत के लिए विकेट भी लिए हैं |२०११ के विश्व कप में युवराज ने हरफनमौला प्रदर्शन करते हुए ३६२ रन बनाये और १५ विकेट भी लिए और मैन ऑफ़ द सीरिज रहे |
लेकिन पिछले कुछ समय से युवराज कैंसर से पीढित हैं |युवराज जनवरी में इलाज कराने अमेरिका गए और अमेरिका के बोस्टन में कैंसर अनुसन्धान में कीमोथेरेपी करा रहे हैं लेकिन इस बल्लेबाज के फिजियोथेरेपिस्ट डाक्टर जतिन चौधरी ने बताया कि जाँच में यह घातक पाया गया था ,लेकिन यह जानलेवा नहीं है |युवराज के पहले चरण का इलाज पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण का इलाज चल रहा है |डाक्टर लारेस के मुताबिक युवराज मई तक मैदान पर लौटेंगे |युवराज के स्थान पर कफ्ही समय से टीम में रोहित शर्मा मौजूद हैं और उन्होंने कई मैचो में अच्छी बल्लेबाजी भी कि है |अब देखना यह होगा कि जब युवराज मई में मैदान पर वापिस लौटेंगे तो वह अपना पुराना खेल जारी रख पाएंगे ,या फिर रोहित शर्मा को इसका फायदा मिलेगा |लेकिन युवराज वह खिलाडी हैं जो क्रिकेट के किसी भी छेत्र में हार नहीं मानते |युवराज ने जब कैंसर को मात दे दी है तो वह क्रिकेट में भी एक बार फिर से अपनी उपयोगिता साबित करके सभी क्रिकेट प्रेमियों को खुश कर देंगे |युवराज का कैंसर लगभग ख़त्म हो चुका है ,इसकी जानकारी खुद युवराज ने दी |

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